दिवाली का पर्व कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है।

दिवाली के दिन धनतेरस से लेकर भाई दूज तक पांच दिन का त्योहार मनाया जाता है।

धनतेरस को सोना-चांदी, वाहन, प्रॉपर्टी आदि की खरीदारी का शुभ दिन माना जाता है।

नरक चतुर्दशी को मां काली, हनुमान जी और यमदेव की पूजा की जाती है। गोवर्धन पूजा को भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाकर असुरों से ब्रजवासियों की रक्षा की थी।

गोवर्धन पूजा को भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाकर असुरों से ब्रजवासियों की रक्षा की थी।

2023 में दिवाली 12 नवंबर 2023 को मनाई जाएगी।

 दिवाली के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 40 मिनट से लेकर 7 बजकर 36 मिनट तक

इस दौरान घरों में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

लक्ष्मी पूजा के लिए महानिशीथ काल मुहूर्त रात 11 बजकर 39 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 31 मिनट तक है।

दिवाली के दिन घरों में लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। लक्ष्मी जी को धन और समृद्धि की देवी माना जाता है

जबकि गणेश जी को बुद्धि और ज्ञान के देवता माना जाता है। दिवाली के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं

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