सचिन का प्यार क्रिकेट से बहुत गहरा था। वे एक छोटे से शहर से आए थे, लेकिन उनके सपने बड़े थे।

सचिन की कहानी एक दिन के सुबह शुरू होती है, जब वे अपने पिता के साथ छत पर खेलते थे। उनका पिता हमेशा उनके साथ थे

भारतीय क्रिकेट के जनक के रूप में महाराजा रणजीत सिंहजी को जाना जाता है

उन्होंने उन्हें क्रिकेट के मैदान में खेलने के लिए प्रेरित किया।

एक दिन, छत पर प्रतियोगिता समय, सचिन ने अपने पिता से कहा, "पापा, मैं एक दिन भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनूंगा।

उनके पिता ने मुस्कुराते हुए कहा, "बेटा, तुम्हारा सपना सच होगा। तुम मेहनत करो और कभी हार न मानो।

सचिन ने अपने पिता के संशय को दूर कर लिया और मेहनत करना शुरू कर दिया। वे रोज अपने कौशल को सुधारते रहे और कभी हार नहीं मानी।

वक्त बीतता गया और सचिन ने भारतीय क्रिकेट में अपनी महानता के साथ जगह बनाई। उन्होंने अनगिनत रिकॉर्ड बनाए और भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया।

सचिन तेंदुलकर, भारतीय क्रिकेट के गॉडफादर के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने अपने सपनों को पूरा किया और दुनिया को दिखाया

भारतीय क्रिकेट का गॉडफादर सर जॉन लॉडर मिलर हैं।

वह एक अंग्रेज क्रिकेटर और क्रिकेट प्रशासक थे, जिन्होंने 1920 से 1940 के दशक तक भारतीय क्रिकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

उन्होंने 1926 से 1947 तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया

क्रिकेट को एक राष्ट्रीय खेल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रश्मिका मंदाना ने लिखा - ये खतरनाक है, बहुत डरी हुई हूं ऐसा क्या हुआ