पश्मीना शॉल बनाने की एक लंबी और श्रमसाध्य प्रक्रिया है। यही कारण है कि पश्मीना शॉल तीस महाराष्ट्र होते हैं।

पश्मीना शॉल बनाने की प्रक्रिया में मौसम भी एक कारक हो सकता है। ठंड के मौसम में बुनाई करना आसान होता है, जबकि गर्म मौसम में बुनाई करना अधिक चुनौतीपूर्ण होता है।

पश्मीना शॉल बनाने के लिए आवश्यक उपकरणों की गुणवत्ता भी समय को प्रभावित करती है।

पश्मीना शॉल बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता भी समय को प्रभावित करती है।

जटिल डिज़ाइन या हाथ की कढ़ाई वाले शॉल को बनाने में अधिक समय लगता है।

सामान्य तौर पर, एक साधारण पश्मीना शॉल को बनाने में लगभग180 घंटे लगते हैं।

जटिल डिज़ाइन या हाथ की कढ़ाई वाले शॉल को बनाने में 250 घंटे या उससे अधिक का समय लग सकता है।

बुनाई एक समय लेने वाली प्रक्रिया है जिसके लिए कौशल और धैर्य की आवश्यकता होती है।

पश्मीना शॉल बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली ऊन बहुत महीन होती है, इसलिए इसे बुनने में अधिक समय लगता है।

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