पश्मीना शॉल अपनी गर्माहट के लिए जानी जाती है। यह शॉल बहुत पतला है, लेकिन फिर भी बहुत गर्म है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पश्मीना ऊन बहुत नरम और हल्का होता है।

यह ऊन बकरियों के पेट के नीचे से एकत्रित किया जाता है। इस ऊन का विकास बकरियों को ठंडी जलवायु में रहने के लिए उपयुक्त बनाने के लिए किया गया है।

पश्मीना ऊन में बहुत अधिक मात्रा में हवा होती है। हवा एक अच्छा इन्सुलेटर है, इसलिए यह गर्मी को अंदर रखती है

पश्मीना ऊन में एक विशेष प्रकार का प्रोटीन होता है जिसे लैमेन कहा जाता है। लैमेन एक नेटवर्क बनाता है जो गर्मी को अंदर फंसा लेता है।

पश्मीना ऊन बहुत मुलायम होती है। यह त्वचा पर आसानी से फिट हो जाता है और हवा को त्वचा के बीच से गुजरने देता है। इससे गर्मी शरीर के करीब रहती है।

ऐसा माना जाता है कि एक पशमीना शॉल छह स्वेटर के बराबर गर्म होता है।

पश्मीना शॉल -20 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी गर्म रहती है। पश्मीना शॉल पहनने से ठंड से बचाव होता है।

पश्मीना शॉल बहुत आरामदायक होते हैं। पश्मीना शॉल भी एक फैशनेबल एक्सेसरी है।

पश्मीना शॉल एक गर्म और आरामदायक परिधान है। खुद को ठंड से बचाने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है। पश्मीना शॉल को सावधानी से धोना और रखरखाव करना चाहिए ताकि यह लंबे समय तक चले।

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